इस वैज्ञानिक तकनीक से पपीता की खेती कर 1 एकड़ से कमाए ₹500000 तक कैसे किसान बने लखपति

इस वैज्ञानिक तकनीक से पपीता की खेती कर 1 एकड़ से कमाए ₹500000 तक कैसे किसान बने लखपति


पिछले कुछ वर्षों में पपीता का व्यापार बड़ा है जिससे किसानों को भी एक अच्छा मौका मिला है पपीता की खेती 12 महीने हो सकती है परंतु इसके अधिकतम पैदावार फरवरी-मार्च मई अक्टूबर के मध्य विशेष रूप से देखी जाती है इसकी खेती के लिए 10 डिग्री से 45 डिग्री का तापमान उपयुक्त है पपीता हमारे लिए भी पुतला प्रदेश में विटामिन ए सी का अच्छा स्त्रोत है इसमें फाइबर भी उपयुक्त मात्रा में पाया जाता है जो हमारे पेट के लिए और पाचन तंत्र के लिए बहुत ही अच्छा है डॉक्टर भी कई बीमारियों में पपीता खाने की सलाह देते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाने व विटामिन ए और सी की कमी को पूरा करने में सहायता करती है



मिट्टी का चयन कैसे करें

पपीता के लिए बलुई मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी गई है पर जहां पानी का घेराव ना हो ऐसी मिट्टी की युक्त होती है उसका पीएच मान 6.5 से 7.5 तक होना चाहिए साथ ही घर पतवार का भी ध्यान रखें जलजमाव ना हो इस बात का विश्वास करो से ध्यान रखें

बीजों का चयन

हमारे देश में सबसे ज्यादा दो प्रजातियों की पपीता कोई जाती है उसमें एक आईसबेरी और दूसरी red lady 786 है दोनों ही पपीता व्यवसाय के दृष्टि से अच्छी हैं रेड लेडी 786 पपीता की रोकने की क्षमता अच्छी हैं वह इसकी पपीता की मिठास और कड़क होती है जिससे स्कोर एक स्थान से दूसरे स्थान भेजना आसान है वह इस देरी की बात की जाए तो यह भी मिठास में बहुत ही अच्छी हैं वह छोटा साइज होने के कारण इसको लोग ज्यादा पसंद करते हैं 1 से 2 किलो तक की पपीता बाजार में अच्छा भाव मिलता है और बेचने में आसानी होती हैं बीज खरीदते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें बीज 6 महीने से ज्यादा पुराना ना हो वह किसी भरोसेमंद दुकानदार से ही बीच लें और सुनिश्चित करें कि वह ओरिजिनल बीज है वह पक्का बिल जरूर लेवे

नर्सरी की तैयारी

पपीता को नर्सरी में तैयार करके लगाना बहुत उपयुक्त माना गया है पौधों को क्यारियों में 11 बीच लगाकर तैयार किया जाए तो और भी अच्छा है और पहले बीच को किसी फंगीसाइड से उपचारित कर ले और भी अच्छा है इसमें आप जैविक फंगीसाइड भी उपयोग कर सकते हैं और पौधों के उप जाने के डर से 15 दिनों के बाद उसे आप छोटी-छोटी फिजाओं में वर्मी कंपोस्ट और मिट्टी का मिश्रण बनाकर एवं भर ले और उन्हें उन पौधों को लगाएं और अंतर पानी का स्प्रे करें और बीज लगा दे उसे ध्यान रखें कि बीज लगाकर उसे पॉलिथीन से ढके जिससे वह उगने में आसानी हो हो सके तो आप को लिया उसमें बीच तैयार करें जिससे बीज आपका जल्दी तैयार हो जाएगा या फिर किसी भरोसेमंद नर्सरी से भी आप बीच तैयार करवा सकते हैं वह दिन से खरीद सकते हैं

खेत को तैयार कैसे करें

बुवाई करने से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार कर ले और सुनिश्चित करते हैं कि खेत समतल हो जहां पानी ना रुके पानी भरने से जलने की समस्या आ सकती हैं तो खेत का समतलीकरण करने के बाद ही इस में पौधारोपण करने की शुरुआत करें खेत में गोबर की अच्छी साड़ी खाद बिखेर कर जुताई कर ले जिससे वह अच्छी तरह खेत में मिल जाए

बुवाई का तरीका

अप्रैल माह के आसपास आप पौधारोपण कर सकते हैं उसमें 10 बाय 10 फीट पर पौधे लगा सकते हैं या 10 पर 8 पर भी आपको दे लगा सकते हैं 1 एकड़ में 10 बाय 8 की दूरी में पौधा लगाने पर आप 550 पौधे तक लगा सकते है लू अधिक होने पर उन्हें पुराने रखे बोरो से लकड़ी का ढांचा बना करो मैं कवर करें जिससे वह धूप से और गर्म हवाओं से बचें और पर्याप्त पानी के लिए उन्हें ट्रिक से सिंचाई करें जुलाई तक पौधे अच्छी तरह तैयार हो जाएंगे उसके बाद उनमें फ्लावरिंग स्टार्ट हो जाएगी और कुछ समय बाद आप देखेंगे कि फल लगना भी चालू हो गए हैं पपीता जल्दी फल देना शुरू कर देता है तो आमदनी भी आपको जल्दी देना शुरू कर देगा

खाद व सिंचाई की जरूरत

पपीता के पौधे को नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटाश की अधिक जरूरत होती है उसके साथ आप लोगों की सभी खाते तो बहुत अच्छा फल प्राप्त करेंगे पौधों को हर 2 महीने साथ की जरूरत होती है एक लंबे समय तक कॉल भी कर देते हैं चाऊमीन और भी अच्छी फसल होती हैपपीता के पौधों में सिंचाई पर खास ध्यान देना चाहिए अधिक सिंचाई पौधों पर विपरीत प्रभाव डालती हैं सिंचाई 10 से 15 दिनों में की जाए तो अच्छा रहता है और गर्मी के मौसम में 5 से 7 दिनों में बारिश हुई जाए वह आवश्यकतानुसार सिंचाई करें ड्रिप इरिगेशन तकनीक को अपनाना चाहिए जिससे आप न्यूट्रीशन का भी ध्यान रख पाएंगे और खरपतवार को भी समय-समय पर मिले बुराई करें और निकालते रहें शीत ऋतु में बालेश्वर को पुराना रखे भरोसे कवर करें या फिर खेत में दुआ बनाए रख सकते हैं इससे भी पाले से बचाव होगा

पपीते की कमाई

अगर आप 500 पौधे भी लगाते हैं अपने खेत में और 1 साल में एक पपीता का पौधा 1 क्विंटल तक फल देता है जिसे आप न्यूनतम ₹10 तक घर बाजार में बेचते हैं तो एक पौधे से ₹1000 तक कमा लेते हैं जो 500 को देखा देखा जाए ₹500000 होगा इसमें आप पौधों का खर्च खाद का खर्च हो अपने हिसाब से जुड़ सकते हैं जो की बहुत ही कम है और यह बहुत ही अच्छी आमदनी का जरिया बन सकता है किसान बबीता की खेती कमा कर लाखों कमा रहे हैं आप भी उन किसानों की तरह लखपति बन सकते हैं और अपने अपने परिवार के सपने पूरे कर सकते हैं सही ज्ञान ना होने के कारण हेलो खेती को आज घाटे का सौदा के डाल देते हैं पर ऐसा नहीं है कहीं जागरूक किसान इसमें बहुत अच्छा काम कर रहे हैं वह अपना अनुभव आपके साथ भी शेयर कर रहे हैं






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