जैविक इल्ली नियंत्रक घर पर कैसे बनाएं

जैविक इल्ली नियंत्रक घर पर कैसे बनाएं


सभी फसलों में होने वाले इल्ली के प्रकोप से बचने के लिए हम घर पर ही जैविक इल्ली नियंत्रक बना सकते हैं इसका हम अपने खेतों में उपयोग कर हमारी फसल में होने वाले नुकसान से बच सकते हैं वह अच्छी आमदनी पा सकते हैं किसके लिए निम्नलिखित विधियां है जिन्हे हम अपना सकते हैं



1.) 5 किलो नीम की पत्तियों को पीसकर 5 लीटर देसी गाय के छाछ के साथ मिलाकर 10 दिन तक रखी रहने दे 10 दिन की सहने के बाद इस मिश्रण को छान ले फिर इस मिश्रण को 120 लीटर पानी में घोलकर 1 एकड़ में फसल के ऊपर छिड़काव करें जिससे कई प्रकार की इल्ली से फसल को बचाया जा सकता है इल्लियों का प्रकोप अधिक होने पर हर 5 से 6 दिन में इसका छिड़काव कर सकते हैं इससे फसल में होने वाले नुकसान से हम बच सकते है

वह इस मिश्रण को और अधिक कारगर बनाने के लिए इसके साथ हम 1 किलो धतूरे के पत्ते पीसकर डालकर 10 दिनों तक चढ़ाने के बाद भी इसका उपयोग कर सकते हैं यह और भी ज्यादा कारगर साबित होता है वह ज्यादा उम्मीद रहती है कि इल्लियों से फसल को बचाया जा सके

2.) इस विधि में 5 किलो नीम के पत्तों को 4 लीटर पानी में डालकर उबालें उस पानी को आधा हो जाए तब तक उबालें फिर बचे हुए 2 लीटर पानी को छानकर डेढ़ सौ लीटर पानी में घोल तैयार करें इसमें 2 लीटर देसी गाय का गोमूत्र भी मिला लेवे वह इस मिश्रण को 1 एकड़ में फसल के ऊपर अच्छी तरह छिड़काव करें जिससे भी हमें इल्लियों के प्रकोप में लाभ होता है इस विधि का उपयोग भी हम 5 से 6 दिन में दोहरा सकते हैं जिससे इल्लियों से फसल को मुक्ति मिलती है

3.) इस विधि में फसल के साथ श्याम तुलसी तथा गेंदे के पौधों को फसल के बीच में लगाकर भी इल्लियों से फसल का बचाव होता है फूलों की तेज सुगंध से कहीं इल्लियां खेतों से दूर रहती है या फिर आप तीन की बनी चकरी खेतों में लगाकर इल्ली व टिडो से फसल का बचाव कर सकते हैं

4.) इस विधि में 1 किलो लहसुन और मिर्ची को पीसकर डेढ़ सौ से 200 लीटर पानी में गोलवें पानी को छानकर 1 एकड़ जमीन में फसल पर अच्छी तरह छिड़काव करें लहसुन और मिर्ची की तेज गंध से इल्लियों को नुकसान होता है से फसल में होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है वह यह भी एक कारगर भी दी है आप इसे भी अपना सकते हैं वह सस्ती व सटीक होने के कारण सभी किसान भाई इसका उपयोग घर पर कर सकते हैं






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