जैविक कीट नियंत्रण घर पर कैसे बनाएं

जैविक कीट नियंत्रण घर पर कैसे बनाएं


जैविक कीट नियंत्रण घर पर कैसे बनाएं



नीम पति घोल | Neem leaf juice

नीम पत्ती घोल बनाने के लिए 10 से 15 किलो नीम की पत्तियां को एक 200 लीटर पानी के ड्रम में 4 दिन तक भिगोए पानी के हरे हो जाने पर इसे छान ले नीम की पत्तियां कई तरह के कीड़ों को नष्ट करने में मदद करती है इस पानी को आप 1 एकड़ की फसल पर छिड़काव कर सकते हैं वह इसकी तीव्रता बढ़ाने के लिए धतूरा तंबाकू की पत्तियों को मिलाकर काढ़ा बनाकर भी इसका छिड़काव किया जा सकता है जिससे फसल में होने वाले कीटों को नष्ट कर देगी

नीम के बीज या नीबोली | Neem Seed

नीम के बीजों को अच्छी तरह सुखा कर महीन पीस लें और 2 किलो नीम के बीजों में 2 लीटर गोमूत्र ले और 10 किलो छाछ में मिलाकर 4 दिन के लिए घर पर रख दें 4 दिन बाद इस गोल को 200 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिड़काव करें इससे भी कहीं फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से फसल को मुक्ति मिलेगी

गोमूत्र | Go-Mutra

सभी किसानों के यहां गोमूत्र आसानी से उपलब्ध हो जाता है यह एक अच्छा कीट नियंत्रण है गोमूत्र को एक कांच की शीशी में इकट्ठा कर रख दें गोमूत्र का असर पुराना होने के साथ बढ़ता है जितना ज्यादा पुराना उतना अच्छा उसका असर रहता है 15 से 20 ml गोमूत्र प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोलकर फसल की बुवाई के 12 से 15 दिन बाद हर सप्ताह छिड़काव करने से फसल में आने वाले कीड़ों और रोगों से फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे भविष्य में आने वाले रोग और कीड़ों से भी बचाव होता है

नीम की खली | Neem Oil cake

बगीचों में बीमा एवं white-grub जैसे कीड़ों व इलियो का प्युपा जैसी समस्याओं के लिए नीम की खली को बारीक पीसकर अंतिम जुताई से पहले आप खेत में बिखेर सकते हैं इससे भी कीटों के रोकथाम में काफी मदद मिलती है

ताम्र युक्त छाछ | Coper Buttermilk

छाछ को किसी मटके हवा बंद डब्बे में रखकर उसमें तांबे की वस्तुओं को डाल दे जिससे जांच तांबे के साथ मिलकर ताम्रों युक्त जांच बन जाती है इससे अच्छी तरह ढक्कन लगाकर 30 से 45 दिन तक रख दें उसके बाद डेढ़ सौ मिलीलीटर छाछ को 15 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें जिससे दी गई कि दो के प्रकोप से मुक्ति मिलती हैं यह उपचार बहुत ही सस्ता और कारगर है वह आसानी से किसान इसका उपयोग कर सकते हैं

ट्राईकोड्रमा | Trichoderma

ट्राई कोड्रमा एक जैविक जीवाणु है यह एक फफूंद नाशक है यह मिट्टी में जड़ एवं बीज जनित बीमारियों को नियंत्रण करने में कारगर है ट्राई कोड्रमा को पौधों के ऊपर छिड़काव व सिंचाई में भी उपयोग किया जा सकता है यह एक बहुत ही लाभप्रद जीवाणु है यह किसानों के लिए एक मित्र कीट की तरह है जो दूसरे को पूर्ण को और जीवाणुओं को नष्ट करता है इसे आप गुड और पानी में मिलाकर ड्रिप के द्वारा खेतों में सिंचाई कर सकते हैं या फिर ग्लूकोस के साथ पानी में मिलाकर इसका छिड़काव करने से काफी अच्छा रिजल्ट आपको मिलेगा

लहसुन मिर्ची घोल | Garlic Chili Juice

आधा किलो मिर्ची व लहसुन को अच्छी तरह पीसकर 100 लीटर पानी में गोल बनाएं फिर इस पानी को छानकर साबुन के पानी के साथ मिलाए जिससे यह पौधों पर चिपक सके जिससे कई कीट इसकी तेज गंध के कारण पौधों को कीटों से छुटकारा मिलता है

मिर्ची उबाल घोल | Chili Juice

इसमें लाल मिर्च के पाउडर को पानी में अच्छी तरह उबाल कर ठंडा कर ले फिर उस पानी को प्रति 500ml पानी को 15 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें यह एक काफी कारगर उपचार हैं जिससे कई कीटों से और मकोड़ों से पौधों को बचाव होता है






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